बेचैन आत्मा

26.3.11

आभासी दुनियाँ

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एक ऐसी दुनियाँ जहाँ न कोई राजा न कोई रानी न कोई मंत्री न कोई सैनिक सभी मालिक सभी प्रजा न कोई भूखा न कोई नंगा सभी मानते मन चंगा तो ...
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18.3.11

आउट...! नॉट आउट...!

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आज ऑफिस से घर लौटते वक्त दोस्तों ने छनाई है भांग कहते थे भांग छान कर जब लिखबा तs लिखबा ऊँची चीज ! पिलाना चाहते थे दारू भी पर भाग आया...
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17.3.11

काहे हौआ हक्का-बक्का !

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काहे हौआ हक्का-बक्का ! छाना राजा भांग-मुनक्का ! इहाँ कहाँ सुनामी आयल काहे हौवा तू घबड़ायल कल फिर उठिहैं सीना ताने आज भले जापानी घायल देखा...
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15.3.11

हौ पुराना....!

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एक आदमी कुएँ की जगत पर बैठकर रो रहा था । पूछने पर कहने लगा...... अभी-अभी नीचे एक कवि कूद गया ! तो..? तुम उसके मरने पर दुःखी हो ? उसने कहा,...
8.3.11

चिड़िया

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चिड़ि़या उडी उसके पीछे दूसरी चिड़िया उड़ी उसके पीछे तीसरी चिड़िया उड़ी उसके पीछे चौथी चिड़िया उड़ी और देखते ही देखते पूरा गांव कौआ हो गय...
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4.3.11

व्हाट इज योर मोबाइल नम्बर....?

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मौज लेने के लिए लिखी गयी  हल्की-फुल्की छोटी कहानी। कृपया गंभीर साहित्यिक मूड में न पढ़ें.... दोनो साथ पढ़ते थे। लड़के के पिता एक कॉलेज के...
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27.2.11

शिव दर्शन

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बात उन दिनो की है जब मैं भी बाबा का अंधभक्त हुआ करता था। महाशिवरात्रि के पावन  पर्व पर प्रस्तुत है एक संस्मरण जो अपने स्वभाव के अनुरूप  ...
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