बेचैन आत्मा

31.5.19

बुद्धिजीवी

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बुद्धिजीवी वह जो खाली पेट तो भगवान से भोजन की याचना करे और जब पेट भरा हो, उसी भगवान को गाली देने में रत्ती भर भी संकोच न करे। बुद्धिजीवी व...
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13.5.19

माँ

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पिता स्वर्ग में रहते घर में बच्चों के संग मां रहती थीं। बच्चों के सुख की खातिर जाने क्या-क्या दुःख सहती थीं। क्या बतलाएं साथी तुम...
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12.5.19

नदी और कंकड़

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वह घाट की ऊँची मढ़ी पर बैठ नदी में फेंकता है कंकड़! नदी किनारे नीचे घाट पर बैठे बच्चे खुश हो, लहरें गिनने लगते हैं... एक कंकड़ कई लहर...
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5.5.19

दड़बे के कबूतर

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एक दड़बा था जिसमें निर्धारित संख्या में कबूतर रोज आते/जाते थे। कबूतर न सफेद थे न काले। श्वेत से श्याम होने की प्रक्रिया में मानवीय रंग म...
27.4.19

बनारस की गलियाँ-9(कर्फ्यू)

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अच्छा है बनारस की पूरी एक युवा पीढ़ी देखे बिना जवान हो गई लेकिन अपने किशोरावस्था में हमने खूब देखे कर्फ्यू। गंगा तट के ऊपर फैले पक...
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25.4.19

बनारस की गलियाँ-8

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बनारस की एक गली गली में चबूतरा चबूतरे पर खुलती बड़े से कमरे की खिड़की खिड़की से झाँको कमरे में टी.वी. टी.वी. में दूरदर्शन एक से बढ़कर एक...
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24.4.19

लोहे का घर-51

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लोहे के घर की खिड़की से बाहर झाँक रहे हैं एक वृद्ध। सामने की खिड़की पर उनकी श्रीमती जी बैठी हैं। वे भी देख रही हैं तेजी से पीछे छूटते खे...
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