बेचैन आत्मा
30.8.22
साइकिल की सवारी 2
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भोर में साइकिल लेकर बाहर घूमने के लिए निकले तो ध्यान था कि आज सन्डे है, रोज तो सारनाथ घूमते ही हैं, दूर चला जाय। बाहर अँधेरा था, आकाश में बा...
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1.8.22
लोहे का घर 62
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लोहे के घर में अकेले बैठे हों तो कुछ लिखने के लिए मोबाइल पर उँगलियाँ चलने लगती है। लिखने के लिए बड़ा अनुकूल माहौल है। लखनऊ-बनारस शटल एक्सप्रे...
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19.7.22
साइकिल की सवारी 1
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दुर्घटना के बाद मोटरसाइकिल चलाने पर प्रतिबंध ही नहीं लगा मेरी मोटरसाइकिल श्रीमती जी द्वारा बेच भी दी गई। मैं दुखी होकर मोटरसाइकिल को जाते हु...
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28.6.22
सायली छन्द
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(1) चिड़िया पानी पीने मेरे आँगन आई भरे प्याले चहचहाई। ............... (2) भूखी रोटी पकाई बेटा घर आया खाना खाया तृप्त। ....... (3) पतंग पेंचा ...
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29.5.22
आधी रोटी चोर!
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बनारस की एक गली में चीखते-चिल्लाते लड़कों का एक झुण्ड करीब आ रहा था। आगे-आगे एक विक्षिप्त बुढ़िया भागे जा रही थी। लड़के पास आते तो वह जमीन से उ...
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25.5.22
साधू
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एक बार यमराज को कुम्भ मेले में त्रिवेणी दर्शन का मोह जगा। प्रयागराज में गंगा नदी के तट पर एक कुटिया बनाकर रहने लगे। बगल की कुटिया में एक स्व...
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19.5.22
घड़ा
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पीपल के पेड़ पर माटी के कलश लटके होते हैं। माना जाता है कि मरने के बाद आदमी 12 दिनों तक प्रेत योनि में भटकता है, तेरहवें दिन श्राद्ध हो जाने ...
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