बेचैन आत्मा
Showing posts with label
बेटियाँ।
.
Show all posts
Showing posts with label
बेटियाँ।
.
Show all posts
13.1.19
ये पतंगें
›
तेरी नीयत तेरे मंझे तू ही जाने मैं साथ रहना चाहता हूँ इन पतंगों के! ये पतंगें बादलों में धूप लिखना चाहती हैं। आकाश में छाई है ब...
10 comments:
2.1.14
टिंबकटूं, शेखचिल्ली और चिलगोजर
›
तीन मित्र थे- टिंबक टूं, शेखचिल्ली और चिलगोजर। नाम से ऐतराज हो तो आप अपने सुविधानुसार दूसरे नाम भी समझ सकते हैं। मैने ये नाम इसलिए दिये ...
22 comments:
›
Home
View web version