9.2.26

Rahul weds priyanka

 प्रिय पन्ना लाल पटेल जी के पुत्र राहुल के विवाह समारोह में।







2.2.26

शतरंज

कड़ाकी ठण्ड में 
पने राजा, अपनी रानी और अपने सिपाहियों के साथ 
श्वेत, श्याम रंग के
कुछ जानवर 
एक डिब्बे में कठुआए 
एक दूसरे से चिपके पड़े थे
न कोई झगड़ा, न कोई रगड़ा
ॐ शान्ति।

तभी

काला, सफेद चौसँठ खाने वाला बोर्ड लेकर

दो आदमी आए 

सभी में प्राण फूँक जगाए

आमने-सामने बैठ कर रंग बाँट लिए

तुम काला, हम सफेद,

दोनो राजा

आपस में लड़ने लगे!


एक-एक कर

कभी पैदल, कभी घोड़ा....

सभी शहीद होने लगे

तभी

एक आदमी बोला-मात!

दूसरे ने मायूस होकर स्वीकार किया अपनी हार।


अगले ही पल

दोनो आदमी

मोहरों को डिब्बे में भरने लगे

राजा-रानी के साथ

सभी जानवर, पहले की तरह

कठुआए, एक दूसरे से चिपककर गहरी नींद सो गए।


यह सब देख 

आकाश में विचरण करते देवता 

ठहाके लगाने लगे-

हमने मनुष्य बनाए 

लेकिन उनको

लड़ना/लड़ाना तो नहीं सिखाया था

यह खेल इन्होने 

अपने से सीखा है।

......

बनारस

बिछी लाशें और जलती चिताओं के ऊपर
एक पतंग उड़ रही थी,
कोई
ठुमका लगा रहा था और वह
ठुमक-ठुमक
उछल रही थी!
मणिकर्णिका घाट था वह।

बगल में
हर हर महादेव के नारे लग रहे थे
गंगा स्नान के बाद
भक्त
दर्शन के लिए जा रहे थे
विश्वनाथ धाम था वह।
मणिकर्णिका के बगल में
सिंधियाघाट 
ऊपर संकठा माता का मन्दिर 
अन्नकूट का शृंगार था वहाँ।

यह कोई
नई बात नहीं थी,
चिताएं कभी बुझती नहीं, 
पतंग रोज उड़ता है,
हर हर महादेव के नारे रोज लगते हैं
अन्नकूट न सही
माँ संकठा की आरती 
रोज होती है।

बनारस 
जितना मरना जानता है उतना जीना जानता है
उसे मालूम है,
"राम नाम सत्य है।"
........

31.1.26

बनारस की एक शाम

 











कवि सम्मेलन

रविदास पार्क में मनाई जा रही है रविदास जयंती। चल रहा है कवि सम्मेलन। असि घाट में नृत्य, संगीत और गंगा आरती। बनारस के गंगा घाटों पर सुबह ही नहीं शाम भी बेहद खूबसूरत होती है। कवि सम्मेलन के वीडियो यू ट्यूब चैनल bechainatma में है।













29.1.26

बोधिश्री

 आज 28 जनवरी 2026 को अपराह्न "  बौद्धायन सोसाइटी "   संस्था के  प्रकल्प 'बोधिश्री' (बुजुर्गों को भावनात्मक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से गठित संस्था) के बैनर तले मासिक बैठक हुई  जिसका नाम 'चिड़ पिड़ चूँ चूँ' दिया गया। इसका उद्देश्य बोधिश्री के अंग देवेन्द्र पाण्डेय जी की सद्य:प्रकाशित व्यंग्य पुस्तक 'चिड़ पिड़ चूँ चूँ' " के लिये बधाई  और प्रथम कैलेण्डर वर्ष का अभिनन्दन  करना था जिसके लिये बैठक में  डॉ अभय जैन,वरिष्ठ पत्रकार श्री अनिल सिंह,  योगेन्द्र सिन्हा ,श्री शिवपूजन मौर्य,देवेन्द्र पाण्डेय  ,श्री राजीव गौड़ ,श्रीमती शशि श्रीवास्तव  शामिल थे। 

इस अवसर पर  वरिष्ठ सदस्य डाॅ अभय जैन  जी ने देवेन्द्र पाण्डेय जी को शाॅल ओढ़ाकर सम्मानित और प्रोत्साहित किया ।  पाण्डेय जी की पुस्तक  का जनार्पण भी हुआ। स्वादिष्ट अल्पाहार के पश्चात पुस्तक पर थोड़ी 'चिड़ पिड़ चूँ चूँ'  मतलब चर्चा हुई। अगली बैठक में पुस्तक पर विस्तृत चर्चा/समीक्षा होने की उम्मीद है।

अगले महीने भ्रमण पर जाने का प्रस्ताव भी रखा गया । 

सभी का हार्दिक धन्यवाद 

डाॅ मञ्जरी पाण्डेय 

सचिव, बौद्धायन






काशी काव्य संगम

 26 जनवरी, काशी काव्य संगम की काव्य गोष्ठी में व्यंग्य संग्रह चिड़ पिड़ चूँ चूँ के लिए सम्मानित किया गया।