बेचैन आत्मा

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28.6.22

सायली छन्द

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(1) चिड़िया पानी पीने मेरे आँगन आई भरे प्याले चहचहाई। ............... (2) भूखी रोटी पकाई बेटा घर आया खाना खाया तृप्त। ....... (3) पतंग पेंचा ...
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