बेचैन आत्मा
13.9.10
आग
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नदी के किनारे 'और' आग तलाशते एक युवक से बुझी हुई राख ने कहा- हाँ ! बचपन से लेकर जवानी तक मेरे भीतर भी यही आग थी जो आज ...
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11.9.10
ईद मुबारक।
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गगन में ईद का, घर में तीज का चाँद निकला है आज भारत में घूम कर देखो हर तरफ चाँद निकला है ...ईद मुबारक।
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5.9.10
जंगल राज में शिक्षा व्यवस्था
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आज शिक्षक दिवस है। हमारे देश-प्रदेश में शिक्षा के प्रति सभी खूब जागरूक हैं। जहाँ शिक्षक पूरी निष्ठा एवं लगन से विद्य...
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31.8.10
दुश्मन.. !
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तड़पता है मेरे भीतर कोई मुझसा मचलता है बार-बार बच्चों की तरह जिद करता है हर उस बात के लिए जो मुझे अच्छी नहीं लगती। वह सफेद दाढ़ी वाले मौलाना...
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18.8.10
बच्चों ने बेचे गुब्बारे.....!
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मेला.. . हमने देखे गज़ब नज़ारे मेले में। लाए थे वो चाँद-सितारे ठेले में।। बिन्दी-टिकुली, चूड़ी-कंगना झूला-चरखी, सजनी-सजना जादू-सरकस, खेल-ख...
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13.8.10
आगे पंद्रह अगस्त कs लड़ाई हौ....... !
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एक दिन, एक गरीब / अनपढ़ रिक्शे वाले से बातचीत के दौरान मुझे अनुभव हुआ कि यह शख्स, १५ अगस्त का शाब्दिक अर्थ आजादी ही समझता है न यह कि इस दिन...
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8.8.10
आजादी के 63 साल बाद.....
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एक जनगणना मकान एक प्राचीन शहर। बेतरतीब विकसित एक मोहल्ले की गलियाँ। गलियों में एक मकान । मकान के दरवाजे पर कुण्डी खड़खड़ाता, देर से खड़ा...
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