बेचैन आत्मा
16.9.12
विश्वनाथ मंदिर
›
19 comments:
14.9.12
हे असीम ! सीमा में रहो न।
›
घोटाले की खबर पढ़कर लोग तिलमिलाते हैं। चीखते हैं, “ इतना बड़ा घोटाला ! यह तो बहुत ज्यादा है। “ आतंकवादी को फाँसी न मिलने पर लोग तिलम...
27 comments:
9.9.12
सूर्यास्त के बाद
›
आज की शाम उमस भरी शाम सूर्य अस्त होने की तैयारी में बादलों का कोई नामो निशान नहीं शांत था तालाब का पानी ठहरी-ठहरी पत्तियाँ...
52 comments:
6.9.12
गर्भ का आशय
›
कभी मंदिर-मस्जिद कभी आरक्षण पर चोंच लड़ाते रहिए वे चैन से करते रहेंगे गोलमाल छेड़छाड़, बलात्कार, भ्रूण हत्या के बाद ताजा...
21 comments:
4.9.12
सूर्यास्त
›
2.9.12
पाप नहीं कटता
›
बचपन से सुनता आया हूँ कि गंगा में डुबकी लगाने से समस्त पाप कट जाते हैं। पंचकोसी की परिक्रमा करने से पाप कट जाते हैं। काशी के मणिकर्णिका...
31 comments:
28.8.12
मछली
›
सुना था एक मछली करती है पूरे तालाब को गंदा देखा एक मछली साफ कर रही थी पूरे तालाब की गंदगी और भी होंगी ...
26 comments:
‹
›
Home
View web version