बेचैन आत्मा
27.4.16
लोहे का घर -14
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Devendra Kumar Pandey April 23 at 11:24pm · आज वरुणा में बैठने का सौभाग्य मिला। बढ़िया # ट्रेन है। बनारस से...
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21.4.16
कितने कवि चातक पपीहा चकई चकवा चकोर कुररी आदि को पहचान सकते हैं?
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पंछियों को पहचानता नहीं हूँ। इनको सुनता खूब हूँ, देखता भी हूँ मगर इनको इनके नाम से नहीं जानता। मोर की चीख, कोयल की कूक, कौए की काँव-काँ...
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19.4.16
बाबू जी की याद में एक संस्मरण
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गंगा की लहरें, नाव, बाबूजी और तीन बच्चे। इन तीन बच्चों में मैं नहीं हूँ। तब मेरा जन्म ही नहीं हुआ था। बाबू जी के मित्र थे ...
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लोहे का घर-१३
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Devendra Kumar Pandey April 11 at 9:11pm · भंडारी स्टेशन में बाहर शांति भीतर गोदिया की बोगी में वेंडरों का ...
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15.4.16
आस्था, ईश्वर और प्यार
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बात आस्था की, विश्वास की, प्रेम की थी पत्थर को भी हमने भगवान बना दिया. बात नफ़रत की, अविश्वास की, छल की थी भगवान को भी तुमने पत्थर समझ लिया...
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राम जी का बड्डे
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आज श्री राम जी का हैप्पी बड्डे है 'गिफ्ट' कुछ दोगे उन्हें या 'वरदान' 'मांगोगे? पानी, हवा, रोटी, चाय और पान मांगोगे?...
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आजादी
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आज सुबह मार्निंग वॉक में शाख से झूलते तोते मिले. मैंने कहा, आज प्रभु श्री राम जी का बड्डे है बोलो-जय श्री राम! तोते इस शाख से उस शाख म...
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