बेचैन आत्मा
28.11.18
लोहे का घर-50 {ककरी/पेहटा}
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दून में आज ग़ज़ब की भीड़ है। इसके चार घंटे पहले और दो घंटे बाद तक दूसरी बनारस जाने वाली कोई ट्रेन नहीं है। दिन में आने वाली दून, शाम छः बज...
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30.10.18
किछौछा शरीफ
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गोधूली बेला थी। दून अपने निर्धारित समय से लेट थी मगर अपने काम से छुट्टी के बाद अनुकूल समय पर मिल गई थी और हवा से बातें कर रही थी। हमेशा की...
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28.10.18
पटाखे
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जिसे देखते ही पूरे शरीर मे उत्तेजना बढ़ जाती है उस माल का नाम पटाखा माल है। जो आँच दिखाते ही धड़ाम से फूट जाय, जिसके फूटने पर आपका मन आंनद स...
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22.10.18
वृन्दावन ...लोहे के घर से एक संस्मरण
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कोटा पटना का लेट होने का कोटा अभी पूरा नहीं हुआ है। लेट, और लेट, और और लेट होती चली जा रही है। कोटा से चलकर रात में आनी थी मथुरा, भोर में...
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18.10.18
जब जागो तभी सबेरा
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आप मुर्गे की बांग से जागते होंगे, हमको तो पड़ोस की जूली जगाती है! जूली का मालिक भोर में चार बजे ही निकल जाता है मॉर्निंग वॉक पर। जूली की मा...
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26.9.18
लोहे का घर-49
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तेरा घर खूब बड़ा होगा, मेरा घर खूब लंबा है। तेरे घर की खिड़की का आकार बड़ा होगा, मेरे घर की खिड़की का आकाश बड़ा है। ते...
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21.9.18
बेटियों को पढ़ाने से पहले...
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बेटियों को पढ़ाने से पहले सोच लो तुम पढ़ गयीं तो ज्ञान की बातें करेंगी रोज तुमसे सुन सकोगे? सूर्य को देवता कहते हो तुम तो आग का ...
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