बेचैन आत्मा

31.12.21

सुबह की बातें-9

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रजाई से  सर बाहर निकाल कर दोनों कानों को   बन्द खिड़की के उस पार फेंको! कुछ सुनाई दिया?  बारिश! नहीं sss  ओस की बूंदें हैं  थाम नहीं पा रहे ...
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सुबह की बातें-8

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नाच मेरी बुलबुल! तुझे पैसा मिलेगा। इत्ते जाड़े/कोहरे में क्यों नाचें? ये चावल के दाने बहुत हैं। आज रात को नया साल आने वाला है। खुशी मनाओ। हा...
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2.12.21

कथरी

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पाठकों की मांग पर, कथरी का काशिका से हिंदी में अनुवाद... कथरी -1 .............. कैसी तबियत है माँ? कहारिन ठीक से आपकी सेवा कर रही है न? क्य...
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14.11.21

बाल दिवस

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आज सन्डे न होता तो स्कूल जाने वाले बच्चे अपने बस्ते का भारी बोझ पटक कर गहरी सांस लेते तब गुरुजी उन्हें बता देते कि आज बाल दिवस है। लोहे के घ...
2.6.21

तीन तोते

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बहुत दिनों बाद शहर घूम कर लौटे थे तीन तोते। सभी ने अपना-अपना हाल सुनाया। एक नए कहा.... मैं जिस घर की छत पर बैठा था, वहाँ एक पिंजड़ा देखा जिसम...
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1.6.21

तीन कुत्ते

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खेल रहे थे, न सो रहे थे एक घाट में तीन कुत्ते आपस में अपना दुखड़ा रो रहे थे। बीच से दाएं वाले ने कहा... दूर-दूर तक कोई यात्री नहीं दिखता। जो ...
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30.5.21

तीन बकरियाँ

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फसल कट चुकने के बाद मालिक ने छोड़ दी तीन बकरियाँ खेत में चरने के लिए धूप में  आगे-पीछे देर तक चलते-चलते न आया मुँह किसी के घास का एक तिनका सब...
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