बेचैन आत्मा

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1.5.20

मजदूर एकता एक भद्दा मजाक है।

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हम नारे लगाते रहे.. 'कर्मचारी एकता जिंदाबाद' 'इंकलाब जिंदाबाद' 'दुनियाँ के मजदूरों एक हो' वे समझाते रहे... त...
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13.9.16

कुम्हार

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कुल्हड़ हैं, पुरुवे हैं, दिये भी हैं लोग मिट्टी से जुड़े भी हैं अभी है बनारस की मस्ती अभी है कुम्हारों की बस्ती. श्रम कठिन, स...
15 comments:
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