बेचैन आत्मा

Showing posts with label संभावना. Show all posts
Showing posts with label संभावना. Show all posts
30.3.13

संभावना

›
अटके हो किसी के आस में तो झरो! जैसे झरते हैं पत्ते पतझड़ में रूके हो किनारे साथी की तलाश में तो बहो! तेज धार वाली नदी में बिन मा...
33 comments:
›
Home
View web version
Powered by Blogger.