बेचैन आत्मा

31.10.11

नाग नथैया

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चित्र राष्ट्रीय सहारा के वाराणसी संस्करण से साभार। पूरा समाचार यहाँ पढ़ सकते हैं। यह वाराणसी के तुलसी घाट पर 400 वर्षों से भी अध...
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27.10.11

उल्लू

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शहर में या गांव में कहीं नहीं दिखे उल्लू बिन लक्ष्मी के फीकी रही दीपावली इस बार की भी। सोचा था दिख जायेंगे तो अनुरोध...
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26.10.11

दिवारी

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पिछली पोस्ट उफ्फर पड़े ई दसमी दिवारी में आपने चकाचक को पढ़ा। 28 कमेंट के बाद यह महसूस करते हुए कि कुछ लोग काशिका में लिखी उस कविता को ठीक...
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23.10.11

उफ्फर पड़े अब ई दसमी दिवारी।

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जब भी दिवाली के अवसर पर कुछ लिखने का मन बनाता हूँ स्व0 चकाचक बनारसी की यह कविता इस कदर सर पर सवार हो जाती है कि कुछ लिखते नहीं बनता। आज ...
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19.10.11

कैद हैं परिंदे

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आज एक कविता और पोस्ट कर रहा हूँ। इस वादे के साथ कि अब कुछ दिन चैन से टिपटिपाउंगा। सुरिया जाता हूँ तो लिखने से खुद को रोक नहीं पाता। इसे ...
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18.10.11

पत्नी और पति

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कल मैने एक कविता पोस्ट की थी... पापा । जिसको आप सब ने खूब पसंद किया। उसी मूड में, उसी दिन, मैने दो कविताएँ और लिखी थीं। जिन्हें आज पोस्ट क...
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17.10.11

पापा

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घर की खोल में चुपचाप पड़ा रहने वाला दुर्लभ थर्मामीटर जिसे नाना जी ने दादा जी से पूरी कीमत चुका कर खरीदा था जो बाजार में दूसर...
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