बेचैन आत्मा
26.11.14
गंगा के तट पर...
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मंदिर दिखता पुजारी दिखते पंडे दिखते हैं मंदिर के ऊपर फहराते झंडे दिखते हैं भक्तों की लाइन लगती है गंगा के तट पर लोटे में गंगा ...
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8.11.14
संस्मरण
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पैसिंजर ट्रेन में बैठने भर की जगह थी। जाड़े के दिनों में मैं तजबीज कर इंजन की तरफ पीठ करके बैठता हूँ ताकि खराब हो चुकी खिड़कियों से होकर हवा...
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20.10.14
भूख बड़ी कुत्ती चीज है!
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कुत्ते दौड़ते हैं बीच सड़क पर इस पार से उस पार उस पार से इस पार कभी कोई बाइक के सामने आ जाता है कभी कोई कार के सामने आ जाता है बाइक के सामन...
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12.10.14
भय
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अँधेरे से, गली में भौंकते कुत्तों से, छत पर कूदते बंदरों से, खेत में भागते सर्पों से, अब डर नहीं लगता। दुश्मनों के वार से, दोस्तों के प्य...
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3.10.14
कूड़ा
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नदी पर पुल पुल के किनारे कूड़े का ढेर कूड़े के ढेर पर बच्चे बच्चों के हाथों में प्लास्टिक के बोरॆ बोरों में शाम की रोटी का सपना पुल के...
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2.10.14
बंदर प्रवृत्ति
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बंदर भूल चुके हैं सुग्रीव,बाली या हनुमान की ताकत छोड़ चुके हैं पहाड़ नहीं भटक पाते कंद मूल फल के लिए वन वन। सभी बंदर नहीं जा पाते ...
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17.9.14
विज्ञान क चमत्कार
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विज्ञान क चमत्कार सब आपै क सरकार। कइसे बइर(वैर) लें हमें का परी ? सौ साल पहिले आप जलाये ट्यूब लाइट सौ साल बाद हम जलायें ...
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