बेचैन आत्मा

20.12.15

जाड़े वाला प्यार

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घने कोहरे से लड़कर लाया हूँ तुम्हारे लिए एक मुठ्ठी जाड़े की धूप तुम अपनी मॉर्निंग गुड कर लो। चलता हूँ काम पर आऊँगा शाम ढले जेब में भर...
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19.12.15

बेटी

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कैसी झूठी बात बताई पंडी जी! कहते हो घर की लक्ष्मी होती है बेटी फिर कहते हो पढ़ा लिखा कर कन्या दान कर दो! कुबेर तो लड़के का बाप हुआ न...
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16.12.15

गौरैया

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जब से   गायब हुई हैं गौरैया मेरे शहर के घरों ने सुबह-शाम चहकना रात भर गहरी नींद सोना  छोड़ दिया है। देर से उठना दिन भर...
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लोहे का घर-6

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भोला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। चतुर्थ श्रेणी माने शासन की वर्ण व्यवस्था में कर्मचारियों की सबसे कमजोर श्रेणी। सबसे पहले दफ्तर पहुंचना और सब...
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12.12.15

लोहे का घर-5

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आज  ‪‎ ट्रेन  छूट गई।  ‪ चाय  पीने के चक्कर में छूटी, पान खाने के चक्कर में छूटी, मॉर्निंग वॉक में धमेख स्तूप का एक चक्कर अधिक लगाने के चक...
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फर्क

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जब कोई दूसरा रास्ता न हो... आसान है राह में झरे फूलों को देख हर्षित होना और... रौंदते हुए निकल जाना! कठिन है ठहरना, झुकना, पंजों के ब...
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9.12.15

लोहे का घर-4

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फेसबुक पोस्ट Devendra Kumar Pandey November 14 at 9:33am  ·  आज पता चला स्पेशल ट्रेन का कोई माई-बाप नहीं होता। ...
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