बेचैन आत्मा

30.5.21

तीन बकरियाँ

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फसल कट चुकने के बाद मालिक ने छोड़ दी तीन बकरियाँ खेत में चरने के लिए धूप में  आगे-पीछे देर तक चलते-चलते न आया मुँह किसी के घास का एक तिनका सब...
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29.5.21

सेवानिवृत्ति के दिन

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मॉर्निंग वॉक के समय लॉन में शर्मा जी मिल गए। घूम घाम कर लौटे थे और बेंच पर, मुँह लटकाकर  विश्राम कर रहे थे। मैने पूछा...मुँह क्यों लटकाए हैं...
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10.5.21

फेसबुक के आने से पहले स्वर्गीय हो जाने वाली माएँ।

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कितनी अभागन हैं! फेसबुक के आने से पहले स्वर्गीय हो जाने वाली माएँ। नहीं देख पाईं 'मदर्स डे' वाली एक भी पोस्ट। काश! फेसबुक के जमाने म...
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15.4.21

तोते

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मार्निंग वॉक में शाख से झूलते कई आजाद तोते दिखे।मैंने कहा..बोलो! जय श्री राम। तोते इस शाख से उस शाख पर झूलते और मुझे देख कहते- 'टें'...
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नींद से जगाने का अपराध

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एक गाँव था। गाँव का मुखिया बड़ा जालिम था। रोज की तरह एक दिन मुर्गे ने बांग दी। बांग सुनकर एक कवि की नींद खुल गई। नींद खुली तो कवि ने लिखी कवि...
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17.3.21

मालिक भेड़ बकरी का सदियों से कसाई है।

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भेड़ों का मालिक अक्सर अपनी भेड़ों को लेकर उस कसाई के पास जाता जो बकरे काट रहे होते..देखा! इनका मालिक कितना निर्दयी है!!! घास-फूस के बदले अपने ...
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8.2.21

शत्रुता

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मैने मांगा,  जाड़े की धूप उसने दिया, घना कोहरा! मैने पूछा, "ठंडी कब जाएगी?" उसने कहा, "थोड़ी बर्फवारी होने दो।" मैने पूछा,...
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