बेचैन आत्मा

28.9.23

लोहे का घर 73

›
कलकत्ता से वापसी यात्रा में भी हम भाग्यशाली हैं। राजधानी एक्सप्रेस में दोनो लोअर बर्थ मिली है फर्क सिर्फ इतना है कि आमने-सामने न होकर एक साइ...
8 comments:

लोहे का घर 72

›
सेवानिवृत्ति के बाद कुछ दिनों के लिए लोहे का घर छूटा तो इसका मतलब यह थोड़ी न है कि शरीर सलामत हो, जीवन शेष हो फिर भी इसका साथ छूट जाय! मुझे त...

दोस्ती

›
एक जिस्म में मजदूर और कवि दोनो साथ-साथ रहते। काम से लौटकर मजदूर घर आता, रोटी खाते-खाते उसे नींद आने लगती। कवि, मजदूर के बल पर दुनियाँ देखा क...
13 comments:
10.9.23

बनारसनामा

›
8 सितम्बर, 2123 को श्री कन्हैया लाल गुप्त स्मृति भवन, रथयात्रा, वाराणसी में स्वर्गीय घनश्याम गुप्त जी की 82वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर काश...
6 comments:
19.8.23

चार

›
घूमते-घूमते एक घने नीम के वृक्ष के नीचे पहुँचा। वैसे तो मैं जंगल में ही था और आसपास कई घने वृक्ष थे लेकिन यह थोड़ा अलग था। किसी ने शाखों को क...
9 comments:
16.8.23

काव्य गोष्ठी

›
कल 15 अगस्त का दिन अत्यधिक व्यस्तता का रहा। सुबह 5 बजे घर से निकला तो रात 10 बजे वापस लौट पाया। सुबह नमो घाट और कुष्ठ आश्रम से लौटने के बाद ...
23.5.23

सूरजमुखी के तोते

›
वैसे तो अमेरिका का देशज फूल है सूर्यमुखी का फूल लेकिन अब बहुत से देशों में पाया जाता है। अपने नाम को सार्थक करता हुआ यह हमेशा सूरज की ओर झुक...
4 comments:
‹
›
Home
View web version
Powered by Blogger.