गतांक.. कुत्ते से आगे......( पहले वाली न पढ़ी तो कृपया पढ़ने के बाद इसे पढ़ें )
अभी कुछ वर्षों पहले की बात है
मेरे पड़ोसी के कुत्ते
इतने ताकतवर हो गये थे
कि उन्होने अपने घर में ही विद्रोह कर दिया!
अपने मालिक को घर से बाहर निकाल दिया
और अपने नेता को
पूरे घर का मालिक बना दिया !
शुरू में तो मैने इसका विरोध किया
लेकिन फिर
उनके घर का आंतरिक मामला मानकर
उसे ही
घर का मालिक मान लिया।
एक दिन
अपने घर के सदस्यों की इच्छाओं की परवाह किये बगैर
अपने घर बुलाया
अच्छा से अच्छा खाना खिलाया
ताजमहल घुमाया
घर का वह कोना भी दिखाया
जहाँ वह
झगड़े से पहले पैदा हुआ था
क्या 'पिल्ले' की तरह
कूँ कूँ कर
नाचा था वह खुश होकर!
मुझे लगा
अब तो इसे सदबुद्धि आ ही जायेगी
घंटो उससे बात की
समझाता रहा
"भाई!
मुझे तुम्हारे घर के कुत्ते
बहुत परेशान करते हैं
उनसे कहो
मुझ पर भौंकना बंद कर दें।"
मगर अफसोस
जाने से पहले
वह मुझ पर भी
भौंकता हुआ चला गया!
क्या अच्छा पड़ोसी होना
सिर्फ मेरी ही जिम्मेदारी है?
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