मैं तो
नीम हूँ
सात गाँव का
हकीम हूँ।
कोई न काटे तो
सदियों जवान रहता हूँ
पतझड़ में
कपड़े बदलता रहता हूँ।
भारत और उसके पड़ोसी देशों में
खिलता/हँसता रहता हूँ
अधिक ठंडे देशों में
मुरझा जाता हूँ
अब दूर देश के विदेशी भी
मुझे चाहने लगे हैं
मुझे लगा कर
स्वास्थ्य सुख लेने लगे हैं।
चर्म रोग हो
मेरे छाल का लेप लगा लो,
दाँत चमकाने हों या
मसूड़े स्वस्थ रखने हों
टहनियाँ तोड़ कर
दातून कर लो,
मेरी पत्तियों को
उबालकर नहा लो
अपने घाव
ठीक कर लो,
मेरी नींबोली के तेल से
मालिश कर लो,
मधुमेह की दवा हूँ,
हवा को शुद्ध रखता हूँ
कड़वा हूँ पर
नख से शिख तक
लाभकारी हूँ।
जिसने मुझे पहचाना
मेरी छाँव तले बैठकर
खूब मजा काटा,
जिसने नहीं जाना
दो गज जमीन के लिए
उखाड़ कर
खेत में मिला दिया।
मैं तो
नीम हूँ
सात गाँव का
हकीम हूँ।
............
नीम हूँ
सात गाँव का
हकीम हूँ।
कोई न काटे तो
सदियों जवान रहता हूँ
पतझड़ में
कपड़े बदलता रहता हूँ।
भारत और उसके पड़ोसी देशों में
खिलता/हँसता रहता हूँ
अधिक ठंडे देशों में
मुरझा जाता हूँ
अब दूर देश के विदेशी भी
मुझे चाहने लगे हैं
मुझे लगा कर
स्वास्थ्य सुख लेने लगे हैं।
चर्म रोग हो
मेरे छाल का लेप लगा लो,
दाँत चमकाने हों या
मसूड़े स्वस्थ रखने हों
टहनियाँ तोड़ कर
दातून कर लो,
मेरी पत्तियों को
उबालकर नहा लो
अपने घाव
ठीक कर लो,
मेरी नींबोली के तेल से
मालिश कर लो,
मधुमेह की दवा हूँ,
हवा को शुद्ध रखता हूँ
कड़वा हूँ पर
नख से शिख तक
लाभकारी हूँ।
जिसने मुझे पहचाना
मेरी छाँव तले बैठकर
खूब मजा काटा,
जिसने नहीं जाना
दो गज जमीन के लिए
उखाड़ कर
खेत में मिला दिया।
मैं तो
नीम हूँ
सात गाँव का
हकीम हूँ।
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