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19.12.15

बेटी

कैसी झूठी बात बताई पंडी जी!

कहते हो
घर की लक्ष्मी होती है बेटी
फिर कहते हो
पढ़ा लिखा कर
कन्या दान कर दो!

कुबेर तो
लड़के का बाप हुआ न?

कैसी झूठी बात बताई पंडी जी!

कहते हो
बेटा-बेटी एक समान
फिर कहते हो
बेटी तो पराया धन होती है
उसके घर का
पानी भी नहीं पीते!

अपना तो
लड़का ही हुआ न?

कैसी झूठी बात बताई (न्याय के मंदिर वाले) पंडी जी!

पढ़ लिख कर
होशियार हो गई थी मेरी बेटी
नौकरी करने गई थी
देश की रजधानी में
पापियों ने
बलात्कार कर दिया
मार दिया जान से
तुम कहते हो
नहीं होगी सजा
नाबालिग थे हत्यारे!

बलात्कार करने वाला बालिग ही हुआ न ?


जाओ!
हम तुम्हारी
कोई बात नहीं मानते।