तुम
हवा, जल और धरती का प्रलोभन देते हो
इन पर तो मेरा
जन्मसिद्ध अधिकार है!
तुमने
सजा रखे हैं
रंग बिरंगे पिजड़े
और चाहते हो
दाना-पानी के बदले
अपने पंख
तुम्हारे हवाले कर दूँ?
अपने सभी पिजड़े हटा दो,
मेरे पंख मुझे लौटा दो
मुझे आकाश चाहिए।