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3.10.15

मुर्दों की बस्ती में....

मुर्दों की बस्ती में
सुबह-सुबह शोर है,
"सत्य बोलो गत्य है
राम नाम सत्य है!"

पुरुष
अत्महत्या का खयाल छोड़
जनाजे को कांधा देने
आगे-आगे दौड़े

औरतें
रुदाली बन
मृत्यु के गीत गाने लगीं

युवा
एक पल के लिए भूल गए
बेरोजगारी का दंश

किशोर
बस्ते का बोझा फेंक
पीछे-पीछे दौड़े

डॉक्टर ने
उनके एक साथी को
मृत क्या घोषित किया
सभी अपने को
जिंदा समझने लगे !
.......