का 'इनरासन' भयल फील गुड ?
का पिसान, का चावल मालिक
दुन्नो नौ दू ग्यारह!
साठ रूपैय्या प्याज बिकत हौ
आलू साढ़े बारह!
इहाँ बैड-बैड हौ मालिक, नाहीँ कउनो गुड !
का 'इनरासन' भयल फील गुड ?
रोज-रोज कs रोना सुनिके
कनवां पाक गइल !
कल पनरह अगस्त हौ जरको
खुशिये ना भइल !
का फोकट में मिली मजूरी? तब तs वेरी गुड !
का 'इनरासन' भयल फील गुड ?
महिनन से मेहरारू बीमार हs
लइकी के पिलिया
लइका क फीस ना जुटल
कइली सब किरिया
दू जून क रोटी भारी, मिले न धेली-गुड़!
का 'इनरासन' भयल फील गुड?
का पनरह अगस्त के तोता
आजादी पा जाई ?
का चोट्टन के टिकस ना मिली
सब जेल चल जाई ?
ढेर दिल्लगी नाहीं होला, कब्बो वेरी गुड !
का 'इनरासन' भयल फील गुड?