प्रभु जीsss
हमसे प्रेम करो।
माँ की ममता
पाई हमने
पिता का प्यार मिला
बहन-भाइयों
ने भी जमकर
प्यार दुलार किया
जिस मटके में
प्यार धरा था
मटका फूट गया
जीवन की आपाधापी में
दिल ही टूट गया
अवगुन चित न धरो
प्रभु जीsss
हमसे प्रेम करो।
रीत गया घट
सूख गया मन
बेचैनी छाई
प्रीत किया पर
मीत न पाया
सब थे हरजाई
दिल में प्यार भरो
प्रभु जीsss
हमसे प्रेम करो।
सुबह जहाँ से
चले शाम को
वहीं लौट आना
रात अंधेरी
हुई सो गए
फिर उठकर चलना
बेड़ा पार करो
प्रभु जीsss
हमसे प्रेम करो।
फूल बन गईं
कलियाँ सारी
तुमने प्यार किया
सूखी धरती
हरी-भरी है
तुमने प्यार किया
सबके कष्ट हरो
प्रभुजीsss
हमसे प्रेम करो।
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हमसे प्रेम करो।
माँ की ममता
पाई हमने
पिता का प्यार मिला
बहन-भाइयों
ने भी जमकर
प्यार दुलार किया
जिस मटके में
प्यार धरा था
मटका फूट गया
जीवन की आपाधापी में
दिल ही टूट गया
अवगुन चित न धरो
प्रभु जीsss
हमसे प्रेम करो।
रीत गया घट
सूख गया मन
बेचैनी छाई
प्रीत किया पर
मीत न पाया
सब थे हरजाई
दिल में प्यार भरो
प्रभु जीsss
हमसे प्रेम करो।
सुबह जहाँ से
चले शाम को
वहीं लौट आना
रात अंधेरी
हुई सो गए
फिर उठकर चलना
बेड़ा पार करो
प्रभु जीsss
हमसे प्रेम करो।
कलियाँ सारी
तुमने प्यार किया
सूखी धरती
हरी-भरी है
तुमने प्यार किया
सबके कष्ट हरो
प्रभुजीsss
हमसे प्रेम करो।
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