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21.12.20

मन बहुत बेचैन मेरा

 मन बहुत बेचैन मेरा

तू मिले तो चैन आए।


तू धरा में तू गगन में

जर्रे-जर्रे में छुपा तू

है पढ़ा हमने भी लेकिन

वही दिन औ रैन आए!


मन बहुत बेचैन मेरा

तू मिले तो चैन आए।


मूर्तियाँ तेरी अनेकों

और अनगिन प्रार्थनाएँ

रूप हैं तेरे अनेकों

दे दरश! अब नैन छाए।


मन बहुत बेचैन मेरा

तू मिले तो चैन आए।


इन खिलौनों पर नज़र

मेरी कहीं टिकती नहीं है

गाँठ बाँधा है तुम्ही ने

दूसरा कैसे छुड़ाए!


मन बहुत बेचैन मेरा

तू मिले तो चैन आए।

.........................

12.7.17

अब तो दर्शन दे दे

धोबियाsss
धुल दे 
मोरी चदरिया 
मैं ना उतारूँ 
ना
एक जनम दूँ
खड़े-खड़े मोरी 
धुल दे चदरिया!

आया तेरे घाट बड़ी 
आस लगा के
जाना दरश को 
शिव की नगरिया
धुल दे चदरिया।

रंगरेजवाsss
रंग दे 
मोरी चदरिया 
मैं ना उतारूँ 
ना
एक जनम दूँ
खड़े-खड़े मोरी 
रंग दे चदरिया

जइसे उजली 
धुली धोबिया ने
वइसे प्रेम रंग 
रंग दे चदरिया 
आया तेरे घाट बड़ी 
आस लगा के
जाना दरश को 
शिव की नगरिया
रंग दे चदरिया।

भोलेsssss
अब तो दर्शन दे दे
धोबिया धुल कर साफ कियो है
प्रेम रंग रँगायो
साफ है मोरी चदरिया
भोलेsss
अब तो दर्शन दे दे।
.........