तूने दिया है
प्यार माँ
स्वीकार कर आभार
माँ
माता-पिता कोई
नहीं
बस तू ही है
आधार माँ
मेरा नहीं तेरा
ही है
जो कुछ भी है घर-बार
माँ
कोई न था बस तू
ही थी
जब था बहुत लाचार माँ
आशीष दे लड़ता
रहूँ
जितना भी हो
अंधियार माँ
फिर फूल सरसों
के खिले
आ मूर्त हो इस
बार माँ
छू लूँ चरण इक
बार मैं
भव से मुझे अब
तार माँ
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विशेषः बसंत पंचमी चाहे 9 फरवरी, 1962 को आये चाहे 28 जनवरी 2012 को, है तो जन्म दिन !
(चित्र गूगल से साभार)