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28.1.12

माँ सरस्वती



तूने दिया है प्यार माँ
स्वीकार कर आभार माँ

माता-पिता कोई नहीं
बस तू ही है आधार माँ

मेरा नहीं तेरा ही है
जो कुछ भी है घर-बार माँ

कोई न था बस तू ही थी
जब था बहुत लाचार माँ

आशीष दे लड़ता रहूँ
जितना भी हो अंधियार माँ

फिर फूल सरसों के खिले
आ मूर्त हो इस बार माँ

छू लूँ चरण इक बार मैं
भव से मुझे अब तार माँ

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विशेषः बसंत पंचमी चाहे 9 फरवरी, 1962 को आये चाहे 28 जनवरी 2012 को, है तो जन्म दिन !

(चित्र गूगल से साभार)