13.2.11

आन कs लागे सोन चिरैया...........


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वैलेनटाइन

बिसरल बंसत अब तs राजा
आयल वैलेनटाइन ।
राह चलत के हाथ पकड़ के
बोला यू आर माइन ।

फागुन कs का बात करी
झटके में चल जाला
ई त राजा प्रेम कs बूटी
चौचक में हरियाला

आन कs लागे सोन चिरैया
आपन लागे डाइन। [बिसरल बसंत…..]

काहे लइका गयल हाथ से
बापू समझ न पावे
तेज धूप मा छत मा ससुरा
ईलू-ईलू गावे

पूछा तs सिर झटक के बोली
आयम वेरी फाइन । [बिसरल बसंत…..]

बाप मतारी मम्मी-डैडी
पा लागी अब टा टा
पलट के तोहें गारी दी हैं
जिन लइकन के डांटा

भांग-धतूरा छोड़ के पंडित
पीये लगलन वाइन। [बिसरल बसंत…..]

दिन में छत्तिस संझा तिरसठ
रात में नौ दू ग्यारह
वैलेन टाइन डे हो जाला
जब बज जाला बारह

निन्हकू का इनके पार्टी मा
बड़कू कइलन ज्वाइन। [बिसरल बसंत…..]

35 comments:

  1. राह चलत के हाथ पकड़ के
    बोला यू आर माइन ।

    हेप्पी वेलन्टाईन डे...

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  2. वाह वा ....वाह वा ...वाह वा ....
    आनंद आ गया !

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  3. आज सिर्फ यही ...वाह ..वाह ...वाह

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  4. बहुत्ते जबरजंग बा....
    पहले तS पूरा फागुन के महीना हो ला आब खाली एक्के थो दिन...का कार्ल जाय टैम नइखे बाडन....

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  5. वाह देवेन्द्र जी,
    आनंदन आनंदम!!

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  6. राह पकड़ के बोलने वालों का कवच बलिटाहन बाबा।

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  7. दिन में छत्तिस संझा तिरसठ
    रात में नौ दू ग्यारह
    वैलेन टाइन डे हो जाला
    जब बज जाला बारह.....
    बेहतरीन!!

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  8. बढ़िया है देव बाबू.....आपकी मस्ती में मस्त हो गए है हम भी|

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  9. काहे लइका गयल हाथ से
    बापू समझ न पावे
    तेज धूप मा छत मा ससुरा
    ईलू-ईलू गावे
    हा हा हा ! यह तो वैलेंटाइन डे में होली की मस्ती आ गई । बढ़िया ।

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  10. devendra ji...bada maja aa gayil yi..geet padh ke.....majedar velentine....
    आन कs लागे सोन चिरैया
    आपन लागे डाइन। [बिसरल बसंत…..waah..kya bat..hai...

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  11. वाह...वाह...वाह...वाह...वाह...

    क्या बात कही है...लाजवाब !!!

    इतनी मीठी लगी आपकी यह रचना कि क्या कहूँ...

    सार्थक सटीक करारा व्यंग्य है यह...

    कुढा पड़ा मन एकदम से हरिया गया...

    bahut bahut आभार आपका...

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  12. बहुत लाजवाब, शुभकामनाएं.

    रामराम

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  13. गजबे लिख दिया भाय,बहुते बधाई.

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  14. हिन्‍दी,अंग्रेजी और आपकी अपनी बोली में यह कविता ने नया रंग ही जमाया है। प्रेम दिवस आपको भी मुबारक हो।

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  15. बहुत ही सुन्दर रचना.
    सलाम.

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  16. पाँड़े जी! आपन कबिताई देखकै त हमार मनवा भी ईलू ईलू गावे लागत हव्वे!! जब्बरजंग!!

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  17. बसंत पर वेलेंटाइन 'कुर्की आदेश' जैसा लाया है ,किसी देश की सांस्कृतिक परम्पराओं की 'बेदखली' की यह चिंता साधारण नहीं है ! एक अत्यंत गंभीर विषय / चिंताजनक विषय पर हाथ उठाने के लिए धन्यवाद !

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  18. वाह वाह कमाल की रचना है। बस ईलू ईलू ही गाते हैं। लव कहाँ रह गया है?

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  19. आपका चुटीला व्यंग्य ! गजब तेजधार ! निःशब्द हूँ.

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  20. सरस , सजीली रचना - बधाई ।

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  21. हाहाहाहाह का बात है पाण्डेय जी कमाल हो गया, बहुत खूब ।

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  22. वाह ..वाह ...वाह
    प्रेम दिवस आपको भी मुबारक हो।

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  23. वाह वाह ..मजा आ गया .

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  24. काहे लइका गयल हाथ से
    बापू समझ न पावे
    तेज धूप मा छत मा ससुरा
    ईलू-ईलू गावे

    क्या बात है देवेन्द्र जी ....
    बहुत खूब ......

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  25. पाण्डेय जी!

    बहुत ही व्यञ्जक
    भोजपुरी का पुट इसे और भी आनन्ददायक बना रहा है।

    वर्तमान में भोजपुरी में ऐसी ही सार्थक रचनाओं की आवश्यकता है, ताकि भोजपुरी फिल्म के माध्यम से जो अश्लील गीत समाज में फैले हैं उनकी प्रभुता कुछ कम हो सके और समाज को एक अच्छा संदेश मिले कि भोजपुरी में अच्छी रचनायें भी होती हैं।
    हालांकि मोती बी. ए., भिखारी ठाकुर ने भोजपुरी को सही राह दिखाई है, परन्तु समकालीन रचनाकारों द्वारा इसे आगे बढ़ाना आवश्यक है।
    अवधी क्षेत्र से होंने के कारण यद्यपि मैं भोजपुरी बोल नहीं सकती पर समझ सकती हूँ।

    मुझे आशा है कि आप भविष्य में भी ऐसी ही सुन्दर, संप्रेषणीय रचना करते रहेंगे।

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  26. दिन में छत्तिस संझा तिरसठ
    रात में नौ दू ग्यारह
    वैलेन टाइन डे हो जाला
    जब बज जाला बारह.....
    बहुत खूब ....

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  27. आपकी कविता बेचैन रहती है आपकी कलम से निकलने के लिए -यह भी वैसी ही है :)

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