सभी तस्वीरें आज शाम की हैं। दूसरी तस्वीर में आकाश दीप जल रहा है। आज से तुलसी के पौधे और गंगा घाट के किनारे दीप दान प्रारंभ हो चुका है। तीसरी तस्वीर में एक पुरानी नाव दिखाई दे रही है जिस पर आजकल चाय वाला अपनी दुकान लगाता है। अंतिम तस्वीर थोड़ी हिली न होती तो मस्त आती। इसके हिलने का अफसोस तो है लेकिन फिर भी आपको दिखाने का मोह नहीं छोड़ पा रहा हूँ। आज शरद पूर्णिमा है। खीर पक रही है। चाँदनी अपनी संपूर्ण मिठास के साथ उसकी प्रतीक्षा में है। हमारी शुभकामना यह कि आपकी खीर बिल्ली से बची रहे।