17.4.11

शंका


ऊषा की सुनहरी किरणों से
संध्या की लाली से
सशंक रहता है
चकोर
कहीं मेरे चाँद को
रंग न दें
अपने रंग में !

काले बादलों की ओट से
हँसता-खिलखिलाता
हमेशा की तरह उज्ज्वल
निकलता है
पूनम का चाँद।
...............................

29 comments:

  1. बहुत ही सुंदर कविता धन्यवाद

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  2. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (18-4-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

    http://charchamanch.blogspot.com/

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  3. हमेशा की तरह ही उज्जवल यानि खुबसूरत है ये रचना ..आभार

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  4. यह पूनम का चाँद ....और संध्या का वर्णन ....सुंदर रचना ...आपका आभार

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  5. बेहतरीन, शंका या समाधान।

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  6. नकारात्मक सोच पर सटीक प्रस्तुति

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  7. चाँद भला चकोर की चाहत को क्या जाने ।
    निष्ठुर चाँद !

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  8. खुबसूरत रचना , आभार.....

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  9. यही तो चाहत और समर्पण की चरम सीमा है जो सबसे छुपा कर रखना चाहता है ।बेहद खूबसूरत अभिव्यक्ति...आभार !

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  10. Wah! Kitnee pyaree kavita hai...komal,maasoom!

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  11. बेहतरीन कविता. खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार.

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  12. आज तो मूड बदला बदला सा लग रहा है ....मन प्रसन्न हो गया ! शुभकामनायें आपको !

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  13. काले बादलों की ओट से
    हँसता-खिलखिलाता
    हमेशा की तरह उज्ज्वल
    निकलता है
    पूनम का चाँद। --- खूबसूरत भाव...

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  14. क्या अदा है चांद की!

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  15. चकोर की शंका जायज है. शुभकामनाएँ...

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  16. वाह बेहतरीन भावाभिव्यक्ति...आभार

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  17. इसका मतलब ओरिजिनल चकोर प्रजाति लुप्त हो गयी उसके बजाय कोई हमेशा शंका करने वाली हाइब्रिड प्रजाति आ गयी है -
    कवि इसलिए ही संतप्त हो उठा है !

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  18. कोमल भाव की सुन्दरतम अभिव्यक्ति .....

    बड़ी प्यारी और मनमोहक रचना

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  19. ऊषा की सुनहरी किरणों से
    संध्या की लाली से
    सशंक रहता है
    चकोर
    कहीं मेरे चाँद को
    रंग न दें
    अपने रंग में !

    खूबसूरत अभिव्यक्ति.......

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  20. सुभानाल्लाह......कहीं दूर चाँद की छाँव में ले गयी ये पोस्ट .....

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  21. आपको एवं आपके परिवार को भगवान हनुमान जयंती की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ।

    अंत में :-

    श्री राम जय राम जय राम

    हारे राम हारे राम हारे राम

    हनुमान जी की तरह जप्ते जाओ

    अपनी सारी समस्या दूर करते जाओ

    !! शुभ हनुमान जयंती !!

    आप भी सादर आमंत्रित हैं,

    भगवान हनुमान जयंती पर आपको हार्दिक शुभकामनाएँ

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  22. का देवेन्द्र भैया, स्मार्ट उस्ताद जी और आप ताल से ताल मिला रहे हैं?
    चाँद हमेशा ऐसे ही चमकेगा।

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  23. शंका भी यहें है समाधान भी यहीं ... बहुत खूब है आपकी रचना ...

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  24. चाँद खुश रहता है हमेशा क्योंकि शंका करनेवाला उससे बहुत दूर है,अगर पास ही होता तो उसका जीना भी दुश्वार हो जाता.

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