21.5.11

सबकी जड़ आप हैं !


दुखी पिता ने
अपनी बेटियों को सुनाकर
नए पड़ोसी से कहा..

मेरी तीन पुत्रियाँ हैं
तीनो के नाम सुनकर आपको होगी हैरानी
एक आफत
दूसरी विपत
और तीसरी का नाम है
परेशानी

दस वर्षीया सबसे छोटी पुत्री वहीं खड़ी थी
उसने तपाक से कहा...

आप कैसे बाप हैं ?
आपको इतना भी नहीं पता
सबकी जड़ आप हैं !
.........................

38 comments:

  1. आख़िर बेटियाँ किसकी है बाप से आगे !!

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  2. जिसमें मन में समस्या, वही है जड़।

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  3. I LA KESA BAAP HAI?
    JAI HIND JAI BHARAT

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  4. सबकी जड़ तो आप हैं ही,उन्हें आपनेही तो पैदा किया है.

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  5. क्या बात है आज की होनहार पीढी हमसे दस कदम आगे चल रही है ... बढ़िया रचना भाव...

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  6. बहुत खूब .. कहा तो ठीक ही

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  7. सही हाज़िरज़वाबी ।

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  8. सही कहा बिटिया ने . क्यू की वो बिटिया रानी है .

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  9. वाह, जड़ें काट दो, सब सूख जायेगी?!

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  10. वाह...बहुत खूब...बहुत खूब...बहुत खूब...

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  11. नहले पे दहला !

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  12. बहुत करारा जवाब ......

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  13. यह तो कमाल हो गया .. :-))
    शुभकामनायें !!

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  14. सबकी जड़ आप हैं !- बहुत सूझ-बुझ ! जबरदस्त

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  15. शब्द चयन बड़ा प्रभावशाली है.

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  16. एक मुस्कराहट बरबस होठों तक आ गयी !

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  17. आप कैसे बाप हैं ,आपको यह भी नहीं पता
    सबकी जड़ आप हैं .
    "बेटियों के बाप हैं ।
    मारना जिन्हें पाप है ."बढिया व्यंग्य .नाम भी भाई ऐसे ही होतें हैं -धापा ,भतेरी ,......

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  18. लाजवाब जवाब।

    ऐसे ही एक व्यक्ति के यहाँ ती पुत्रियां थीं, नाम रखे गये चिंता, फ़िक्र, परेशानी। कालांतर में जुड़वां बेटे हुये, कुछ बड़े हुये तो उनका नामकरण हुआ दंगा-फ़साद।

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  19. कमाल ,मज़ेदार ..धन्यवाद

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  20. बेहतरीन व्यंग्य कविता ... उन लोगों के मुंह पे तमाचा है जो लोग बेटियों को बोझ मानते हैं ...

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  21. bahut sunder..
    behetreen vyangya.

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  22. बेहतरीन व्यंग्य..............

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  23. हा...हा....हा......बढ़िया है जी....

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  24. वाह भाई वाह ....

    अच्छा कहा बिटिया ने !

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  25. जबरदस्त करारा जवाब

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  26. बहुत खूब!ईंट का जबाव पत्त्थर से,शब्द -शब्द से हास्य- व्यंग टपका पडता है।बधाई!
    सुधा भार्गव

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  27. लाजवाब कर दिया....

    बेजोड़...कमाल....बेहतरीन...

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  28. असलियत कितनी कड़वी होती है ....
    साकक्षह कहा छोटी ने .... जड़ तो इंसान खुद ही है ...

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