20.7.12

चिड़िया

घंटियों के ऊपर दाने की जुगत में बैठी चिड़िया। 


वर्षा के बाद धान के खेत में तृप्त और संतुष्ट चिड़िया।


उड़ती चिड़िया को पकड़ना क्या फोटू खींचना भी मुश्किल है। हाथ हिल गया और फोटो बर्बाद हो गया। :(


वहाँ जाकर चुपचाप पीठ दिखाकर बैठी है। जो मिल गया उसी को मुकद्दर समझ लिया।


यह बड़ी निडर चिड़िया है। मेरे पास आने पर भी नहीं उड़ी। फोटो खींचने दिया मस्ती में। थैंक्यू चिड़िया...आई लव यू।


यह चिड़िया आज (21-7-2012) मिली 'मधुबन' में सोचा बिठा दूँ इसी पोस्ट में।



38 comments:

  1. पसंद आया आपका अंदाज़ थेंक यू चिड़िया .कृपया यहाँ भी पधारें -
    ram ram bhai
    शुक्रवार, 20 जुलाई 2012
    क्या फर्क है खाद्य को इस्ट्यु ,पोच और ग्रिल करने में ?
    क्या फर्क है खाद्य को इस्ट्यु ,पोच और ग्रिल करने में ?


    कौन सा तरीका सेहत के हिसाब से उत्तम है ?
    http://veerubhai1947.blogspot.de/
    जिसने लास वेगास नहीं देखा
    जिसने लास वेगास नहीं देखा

    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/

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  2. :)बढ़िया तस्वीरें है समय मिले कभी तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है
    http://mhare-anubhav.blogspot.co.uk/

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  3. सुंदर चित्रों के साथ वर्णन अच्छा लगा .:)

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  4. वाह चिड़ियाएँ !
    भई कैमरा खरीदा संतोष जी ने , और स्टीमुलेट हो गए आप ! :)
    बढ़िया है , लगे रहो . अभी और बहुत कुछ देखना है आपकी नज़र से .

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  5. धान के खेत वाली तस्वीर देख न जाने क्यों सुकून सा आ गया. वर्ना घर से मिली बारिश न होने की ख़बरें, डरा रहीं थीं.:(

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  6. चिड़िया अब आ जा !

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  7. किंग फिशर को कैद किया आपने केमरे में!!!!(आखरी वाली)
    बहुत बढ़िया.

    अनु

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    1. किंग फिशर कौन? है मैं नहीं जानता।:)

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  8. ये कैसी चिड़िया जो पहचानने में नहीं आ रही -अब आपको ज़ूम कैमरे की जरुरत है देवेन्द्र जी -चिड़ियों की फोटोग्राफी चौपायों जैसी नहीं होती न :)

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  9. विभिन्न भाव से भरे सभी चित्र सुंदर हैं ...!!हर चित्र अपनी बात कहता हुआ ...!!

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  10. (१)
    दाने की जुगत या प्रसाद की अपेक्षा में चिड़िया , मामला मंदिर का है इसलिये कहा !

    (२)
    धान के खेत में भोजन/कीटों की जुगत में चिड़िया या तृप्त और संतुष्ट चिड़िया,पक्का बताइये !

    (३)
    #थ हि@@ सो #में$ %%न्ध&& ^या !

    (४)
    मुकद्दर का सिकंदर !

    (५)
    सिकंदर का मुकद्दर !

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    1. तीसरी बात तो गिरिजेश जी समझ सकते हैं।:)

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    2. कहां समझने समझाने के चक्कर में पड़ियेगा !

      (३) हाथ हिला सो कमेन्ट धुंधला हो गया ! बतर्ज आपका तीसरा फोटो !
      (४) चिड़िया कुदरत के साथ सो वो हुई मुकद्दर की सिकंदर !
      (५) चिड़िया कृत्रिमता के साथ ये उसकी मजबूरी यानि कि ये है सिकंदर का मुकद्दर !

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    3. वाह! अब जाना कि 4,5 भी नहीं समझा था।

      ऐ खुदा! मंज़र हसीन दे मगर नज़र भी तेज दे।

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  11. आपने सारी चिडियाँ पकड़ लीं,काश इनमें से एक हमारी होती !

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    1. कैमरा लेकर घर से बाहर निकलिये। देखें जरा दिल्ली की चिड़िया किस हाल में हैं। दराल साहब के कमेंट पर ध्यान दीजिए।:)

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  12. कौनसा कैमरा है साहब, जूम कर के फोटू लेते तो फोकस और भी शानदार आता :)

    नज़रे तो पारखी है आपकी, बड़ा चुनाव :)

    जारी रखिये ..

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    1. मार्केट से आउट हो चुका कोडक का बेकार सा कैमरा है। जूम करने पर फोटो धुंधला हो जाता है। फोटो क्लिक करके के देखिये, धोड़ी अच्छी दिखेगी।

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  13. अंदाज़ बढ़िया हैं आपके ...सदके जावां :)

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  14. कितनी सुन्दर लगती हैं ये चिड़िया, आजकल तो फोटो में ही देखने मिलती हैं. सुन्दर चित्र...

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  15. सुन्दर प्रस्तुति. दूरदर्शन की एक बहुत पुरानी वीडिओ "एक चिड़िया, अनेक चिड़िया" याद आ गयी.

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    1. सुंदर वीडियो है। संजय जी ने लिंक भी थमा दिया।

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  16. सुन्दर चित्र
    अंतिम वाली चिड़िया बहुत अच्छी है
    भाई फोटो जो खिंचवाने दिया..
    :-)

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  17. आपका विश्व चिड़ियों और उड़ने वालों की ओर खिसक रहा है..

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  18. सुन्दर चित्र लगता है अब देव बाबू लिखना विखना छोड़ कर फोटू ही खींचने में लगे हैं :-)

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  19. http://www.youtube.com/watch?v=uaTYLy1Jgio&feature=fvst

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  20. बहुत सुंदर चित्र, पक्षियों के चित्र खींचने में बहुत पेशेंस लगता है जो आपमें है. शुभकामनाएं.

    रामराम.

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  21. हाथ आजमा रहे हैं आजकल ... साफ़ तो हो ही गया था बहुत पहले ....
    मज़ा आया सभी फोटो में ...

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  22. इतने चित्र कैसे खींच लिए चिडियों के ..

    मैं जबतक कैमरा लाती हूं तबतक भाग जाती हैं ये ..

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  23. http://www.youtube.com/watch?v=VK_TnmNJqao :)

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    1. ऊपर संजय जी ने भी यही लिंक दिया है। आप दोनो का मूड मिजाज एक समान है।:)

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    2. इत्तेफाक से ही सही संजयजी की तरह मूड मिजाज जानकार हमें बहुत ख़ुशी टाईप की फीलिंग हो रही है :)

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